“श्री राम द्वारा शबरी को नवधा भक्ति का उपदेश”
शास्त्रों में वर्णित है कि सतयुग में भक्त प्रह्लाद ने सबसे पहले नवधा भक्ति का उपदेश दिया था। यह उपदेश उन्होंने अपने पिता हिरण्यकश्यप को दिया था , हिरण्यकश्यप ईश्वर को नहीं मानते थे। जीवन के सत्य से अवगत कराने के लिए भक्त प्रह्लाद ने अपने पिता को नवधा भक्ति का उपदेश दिया था। इसके […]
